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जिला कांग्रेस कमेटी ने निकाली मनरेगा बचाओ पदयात्रा

जिला कांग्रेस कमेटी ने निकाली मनरेगा बचाओ पदयात्रा

औरंगाबाद माफी से शुरू होकर थरा कुतुबपुर ,विनाबर, महमूदपुर होते हुए पलिया झंडा पर पदयात्रा का समापन हुआ।

#प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ऑब्जर्वर प्रेम प्रकाश अग्रवाल ने कांग्रेस का झंडा दिखाकर पदयात्रा को रवाना किया

#मनरेगा को बहाल किए जाने तक चलेगा संघर्ष – अजीत यादव

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बदायूँ। 13 फरवरी । मनरेगा को बहाल किए जाने तक कांग्रेस संघर्ष करेगी।मनरेगा को खत्म करने से मोदी सरकार का मजदूर विरोधी चरित्र उजागर हो गया है। ग्रामीण मजदूरों की काम की कानूनी गारंटी को खत्म कर मोदी सरकार ने मजदूरों के पेट पर लात मारने का काम किया है। कांग्रेस मजदूरों के हक के लिए संघर्ष से पीछे नहीं हटेगी।

उक्त बातें कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव ने आज मनरेगा बचाओ पदयात्रा के दौरान कहीं। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय आह्वान पर मनरेगा बचाओ पदयात्रा औरंगाबाद माफी से सुबह 10 बजे शुरू हुई और थरा कुतुबपुर ,विनाबर, महमूदपुर होते हुए पलिया झंडा पर दोपहर 2 बजे पदयात्रा का समापन हुआ।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ऑब्जर्वर निवर्तमान प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम प्रकाश अग्रवाल ने झंडा दिखाकर पदयात्रा को रवाना किया।उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा मनरेगा योजना को कमजोर एवं समाप्त करने का प्रयास किया गया है वह गरीब, मजदूर और ग्रामीण भारत के हितों पर सीधा आघात है। कांग्रेस का संघर्ष केवल एक योजना को बचाने की लड़ाई नहीं, बल्कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की सोच और विचारधारा को बचाने का संघर्ष है और मजदूरों की काम की गारंटी को बचाने का संघर्ष है। कहा कि कांग्रेस की प्रमुख मांगों में मनरेगा के मूल प्रावधानों को बहाल करना, किए गए बदलावों को तुरंत वापस लेना और ₹400 की राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करना शामिल हैं। कहा कि कांग्रेस महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में किए गए मजदूर विरोधी बदलावों और इसके नाम को बदलने के खिलाफ है। कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर “विकसित भारत – ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (G-RAM-G)” कर दिया है, जो महात्मा गांधी का अपमान है और योजना को कमजोर करने की साजिश है।

जिला उपाध्यक्ष बफ़ाती मियां व दीपक मिश्रा ने कहा कि नए कानून के माध्यम से मनरेगा के तहत काम के “अधिकार” को खत्म करके इसे एक सामान्य बजट-आधारित “योजना” में बदल दिया गया है, जिससे करोड़ों ग्रामीण परिवार असुरक्षा में आ गए हैं।

पदयात्रा के संयोजक जिला सचिव मोरध्वज लोधी व जिला सचिव अहमद अमजदी व उझानी नगर अध्यक्ष बबलू सैफी ने कहा कि नए अधिनियम ने योजना के विकेंद्रीकृत स्वरूप को नष्ट कर दिया है, जिससे धन का आवंटन दिल्ली से तय होगा और कई पंचायतों को शून्य निधि मिलेगी।

यूथ फॉर इंडिया के जिला कोऑर्डिनेटर ओमवीर दद्दा

व कांग्रेस सलारपुर ब्लाक अध्यक्ष जाबिर गद्दी ने कहा कि नया कानून राज्यों पर 40% लागत वहन करने का वित्तीय बोझ डालता है, जिससे बेरोजगारी और गरीब आबादी के लिए कठिनाई बढ़गी।

इस अवसर पर मारूफ खान, सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष नवनीत यादव ,विचार विभाग जिलाध्यक्ष इकरार अली, कांग्रेस एक्स सर्विशमैन जिला कोऑर्डिनेटर सत्यपाल सिंह फौजी,रईस फारूकी , अकलीम वैध, डॉ खलील अहमद , सलीम प्रधान , वीर सिंह , दाताराम समेत दर्जनों लोग उपस्थित रहे ।

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